
Bihar Me Baccha Adopt Kaise Kare 2026 – परिवार में किसी नन्हीं परी की किलकारी सुनना हर दंपत्ति का सपना होता है, लेकिन कई बार नियति कुछ और ही लिख देती है। ऐसे में निःसंतान दंपत्तियों के लिए गोद लेना किसी वरदान से कम नहीं है। बिहार सरकार और केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) ने वर्ष 2026 में भी बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और कानूनी है। इस लेख में हम आपको ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन से लेकर लीगल अप्रूवल तक की पूरी जानकारी आसान भाषा में देंगे।
Bihar Me Baccha Adopt Kaise Kare 2026 के लिए आवेदन कैसे करना है। क्या योग्यता है। इसके बारे में पूरी जानकारी आपको इस पोस्ट में मिल जायेगा। इसलिए इस पोस्ट को पूरा अंत तक पढ़ें। आवेदन करने में कोई परेशानी हो
Bihar Me Baccha Adopt Kaise Kare 2026
| पोस्ट नाम | आवेदन करने की तिथि | कहां करें संपर्क: हेल्पलाइन और पते | समाज कल्याण विभाग, बिहार |
|---|---|---|---|
| बिहार में कानूनी रूप से बच्चा गोद लेने का तरीका 2026 | आवेदन शुरू हैं। | 📞 दूरभाष: 0612-2545033 📧 ईमेल: sara-bih@gov.in | Click Here |
बच्चा गोद लेना केवल एक कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक पवित्र जिम्मेदारी है। यह किसी बच्चे को नया जीवन, नई पहचान और नई उम्मीद देने जैसा है।
यदि आपमें इच्छा है, सामर्थ्य है, और एक बच्चे को अपना प्यार देने का जज्बा है, तो CARA पोर्टल पर आज ही रजिस्टर करें।
📢 याद रखें:
“बच्चा कानूनी प्रक्रिया से ही गोद लें, ताकि उसे सामाजिक, आर्थिक एवं कानूनी अधार मिल सके।”
बच्चा गोद लेने के लिए कानूनी और पात्रता संबंधी नियम?
बच्चा गोद लेने के लिए कुछ आवश्यक शर्तें हैं, जिनका पालना अनिवार्य है। जो निचे दिए गया हैं।
- दत्तक माता-पिता शारीरिक, मानसिक और आर्थिक रूप से सक्षम होने चाहिए।
- उन्हें किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित नहीं होना चाहिए।
- विवाहित दंपत्ति के मामले में पति-पत्नी दोनों को गोद लेने के लिए सहमत होना आवश्यक है।
- एकल स्त्री किसी भी लिंग के बच्चे को गोद ले सकती है, लेकिन एकल पुरुष बालिका को गोद नहीं ले सकता।
- दत्तक माता-पिता और बच्चे की आयु में कम से कम 25 वर्ष का अंतर होना चाहिए।
- बच्चे की आयु 18 वर्ष से कम होनी चाहिए और वह अनाथ या परित्यक्त हो।
बच्चा गोद लेने के लिए कानूनी प्रक्रिया?
- CARA पोर्टल पर पंजीकरण: www.cara.wcd.gov.in पर ऑनलाइन पंजीयन करें
- घरेलू मूल्यांकन: संस्थान द्वारा तीन घरेलू मुलाकातें की जाती हैं
- बच्चे से मिलान: संस्थान दत्तक योग्य बच्चे और माता-पिता का मिलान करता है
- सहमति प्रक्रिया: बच्चे की स्वीकृति और दोनों पक्षों की सहमति पर प्रक्रिया आगे बढ़ती है
- कानूनी प्रक्रिया: अदालत से अनुमति लेकर कानूनी दत्तक ग्रहण पूरा किया जाता है
दत्तक ग्रहण के लिए जरूरी दस्तावेज (Complete Document Checklist)
| 🏷️ क्र. | 📄 दस्तावेज का नाम | 👥 किसके लिए आवश्यक? | ✍️ अतिरिक्त टिप्पणी |
|---|---|---|---|
| 1 | विवाह प्रमाण पत्र | विवाहित दंपत्ति | 2 वर्ष वैवाहिक स्थिरता अनिवार्य |
| 2 | सहमति पत्र | विवाहित दंपत्ति | पति-पत्नी दोनों की सहमति |
| 3 | आय प्रमाण पत्र | सभी | सैलरी स्लिप / ITR / व्यवसाय प्रमाण |
| 4 | स्वास्थ्य प्रमाण पत्र | सभी | किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित न हों |
| 5 | स्थायी निवास प्रमाण | सभी | आधार / वोटर ID / पासपोर्ट / राशन कार्ड |
| 6 | पैन कार्ड | सभी | आयकर विवरण हेतु |
| 7 | पासपोर्ट साइज फोटो | सभी | हालिया फोटो |
| 8 | पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट | सभी | स्थानीय पुलिस स्टेशन से |
| 9 | बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र | सौतेले माता-पिता | केवल स्टेप-पेरेंट एडॉप्शन में |
| 10 | मृत्यु प्रमाण पत्र | विधुर/विधवा | यदि पति/पत्नी का निधन हो चुका हो |
गोद लेने में कुल खर्च (Estimated Cost)
| मद | राशि (लगभग) |
|---|---|
| CARA पंजीकरण + होम स्टडी | ₹6,000 |
| चाइल्ड केयर कॉर्पस फीस | ₹50,000 |
| कानूनी खर्च (कोर्ट फीस + वकील) | ₹20,000 – ₹50,000 |
| फॉलो-अप विजिट (यदि आवश्यक हो) | ₹2,000 प्रति विजिट |
| कुल अनुमानित खर्च | ₹2,00,000 – ₹2,50,000 |
बिहार में बच्चा गोद लेने की ऑनलाइन प्रक्रिया (Step by Step)
Step 1: CARA पोर्टल पर Online Registration
सबसे पहले आपको CARA की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा। जो निचे दिया गया हैं। Important Section में। जाना होगा।
रजिस्ट्रेशन के दौरान नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और व्यक्तिगत जानकारी भरनी होती है।
Step 2: जरूरी दस्तावेज अपलोड करें
रजिस्ट्रेशन के बाद नीचे दिए गए दस्तावेज अपलोड करना होगा।
- आधार कार्ड / पहचान पत्र
- निवास प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र
- मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट
- पासपोर्ट साइज फोटो
- विवाह प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
Step 3: Home Study Report (HSR)
रजिस्ट्रेशन के बाद आपके जिले की Specialized Adoption Agency (SAA) द्वारा आपके घर का निरीक्षण किया जाता है।
इस प्रक्रिया को Home Study Report (HSR) कहा जाता है।
Step 4: Child Referral Process
जब आपकी प्रोफाइल अप्रूव हो जाती है, तो सिस्टम के माध्यम से आपको बच्चे की जानकारी (फोटो, मेडिकल रिपोर्ट आदि) दिखाई जाती है। यदि आप सहमत होते हैं, तो निर्धारित समय में Acceptance देना होता है।
Step 5: Pre-Adoption Foster Care
बच्चे को कुछ समय के लिए फ़ॉस्टर केयर में सौंपा जाता है ताकि आपसी अनुकूलन हो सके।
Step 6: कोर्ट से लीगल अप्रूवल
अंतिम चरण में केस कोर्ट में प्रस्तुत किया जाता है। कोर्ट से आदेश मिलने के बाद बच्चा कानूनी रूप से आपका हो जाता है।
🔹 महत्वपूर्ण बातें ध्यान रखें।
- केवल सरकारी मान्यता प्राप्त एजेंसी से ही गोद लें
- किसी भी दलाल या अवैध प्रक्रिया से बचें
- सभी दस्तावेज सही और अपडेटेड रखें
Important links
| CARA पोर्टल पर Online Registration | Click Here |
| Official Notification | Click Here |
| Official Website | Click Here |
हम आशा करतें हैं की बिहार में बच्चा गोद कैसे लें 2026? ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन से कोर्ट अप्रूवल तक पूरी प्रक्रिया जानकारी से अवगत कराया हैं। अगर ये लेख पसंद आया हो अपने दोस्त या अपने नजदीकी से साथ शेयर करें। ताकि और भी किसी को जानकारी हो सकतें।
क्या 50 साल के बाद बच्चा गोद ले सकते हैं?
✅ हाँ, लेकिन दत्तक माता-पिता और बच्चे की आयु में न्यूनतम 25 वर्ष का अंतर अनिवार्य है।
क्या एकल पुरुष बालिका को गोद ले सकता है?
❌ नहीं। CARA नियमों के अनुसार एकल पुरुष केवल पुत्र को गोद ले सकता है, पुत्री को नहीं।
क्या तलाकशुदा व्यक्ति बच्चा गोद ले सकता है?
✅ हाँ, लेकिन तलाक की डिक्री और बच्चे की कस्टडी से संबंधित दस्तावेज जमा करने होंगे।
CARA रजिस्ट्रेशन के बाद कितने दिनों में बच्चा मिलता है?
⏳ यह वरिष्ठता सूची और बच्चे की उपलब्धता पर निर्भर करता है। सामान्यतः 6 महीने से 2 वर्ष तक का समय लग सकता है
क्या अनाथालय से सीधे बच्चा गोद ले सकते हैं?
❌ बिल्कुल नहीं। यह पूरी तरह गैर-कानूनी है। केवल CARA पोर्टल के माध्यम से ही वैध दत्तक ग्रहण संभव है।
क्या विदेशी नागरिक बिहार में बच्चा गोद ले सकते हैं?
✅ हाँ, लेकिन CARA के अंतर्राष्ट्रीय दत्तक ग्रहण नियम लागू होंगे। यह प्रक्रिया अलग है।
गोद लेने के बाद माता-पिता की क्या जिम्मेदारियां हैं?
📌 बच्चे को शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और भावनात्मक सहारा देना कानूनी और नैतिक रूप से अनिवार्य है।
क्या गोद लिया हुआ बच्चा संपत्ति का हकदार है?
✅ हाँ, कानूनी रूप से गोद लिया गया बच्चा जैविक संतान के समान सभी अधिकारों का हकदार होता है।
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